Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps July 26, 2012 Manjari Shukla June 9 साँसों का तराना गाता हैं उसका नामजिसे ना याद हैं मेरी और ना मेरा नाममंजरी 33784Like · · Share Manjari Shukla June 8 किस कदर मैं तनहा हुआ अपनों की भीड़ मेंकि गैरों के पास ही सुकून मिला हमेशामंजरी 23896Like · · Share Manjari Shukla June 7 पीले बसंत से सुहाना मौसम बरसात का हैंरोते भी हैं हम खूब और वो जान ही नहीं पातामंजरी 23585Like · · Share Manjari Shukla June 6 किसी का दिया ज़ख्म इतना गहरा न रहेजैसे बरसता रहा पानी और ठहरा न रहेमंजरी 32779Like · · Share Manjari Shukla June 5 Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
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