- धुएँ के बादलों में ढूँढने से क्या हासिल होता
मैं बन के चिंगारी पर सुलगता चला गया
मंजरी - उस राह पर आज तक
निःशब्द असहाय और अकेली
बैठी हुई पथ के कांटे चुन रही हूँ मैं
जिस पर त्याग गए थे महर्षि गौतम
सदिओं पहले अहिल्या को ...
श्राप देकर पाषाण की प्रतिमा
...See More Manjari Shukla shared a link.
http://www.livehindustan.com/nandan/1.html .........u can enjoy my story " indradhanush " here (first story_- ना थमा था ना थमा हैं तेरी यादों का सफ़र
था यही सामान जो तू साथ ना ले जा सका
मंजरी
आँख भर आती हैं मेरी जानकर सबका दर्द रास्ते ज़िन्दगी के पर उलझा देते हैं मुझे मंजरी 1 Like · · Share Ashok Gupta , Muhammad Ahmad and 70 others like this. Virender Bhatia sahi kaha July 2 at 5:50pm · Unlike · 1 Hasit Mehta मुजे तेरे प्यार की कसम आवुंगा में हर रस्ते से बस मेरा इंतजार करना July 3 at 10:41am · Unlike · 1 June Manjari Shukla June 30 आईना सच्चाई मुझे दिखाता गया मैं चेहरे पे चेहरा लगाता गया मंजरी 2 Like · · Share Ashok Gupta , Anil Kumar Singh and 79 others like this. Manjari Shukla June 29 छलकी आँखों से ही मेरी मोहब्बत खामोश रहे लब तेरे चले जाने तक मंजरी 2 Like · · Share Ashok Gupta , Dhananjay...














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