Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps September 27, 2012 मेरे दिल के टुकड़े है ये, तेरे रब के घर नहींजो रोज़ गिरते है , और फिर बन जाते है ..............मंजरी Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps Comments
May 10, 2018 वो ग़मों को दूर करने की बात करते है ग़मों ने ही अब तक हमें संभाल रखा है... मंजरी Read more
March 11, 2019 इतना भुलाया है तुझे कि थक गया हूँ मैं अब तेरे सिवा कुछ भी याद नहीं है... मंजरी Read more
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